addiction व्यसन (लत)
गुटका और पान मसाला

gutkhaये चीज़ें करी बा दो ढाई दशकों में ही प्रचलित हुई हैं परन्तु ये पूरे देश में जंगल की आग जैसे फैल गई हैं। पान मसाला और गुटका में मैगनीशियम और कैलशियम के कार्बोनेट होते हैं। ये बहुत ज़्यादा लत लगाने वाले पदार्थ हैं और इनसे मुँह के ऊतकों में सिकुड़न आ जाती है और मुँह का कैंसर हो जाता है। इनसे जो बीमारियॉं होती हैं उनके बारे में मुँह, दांत और मसूड़ों वाले अध्याय में बताया गया है।

कुछ सरकारें इन चीज़ों पर प्रतिबंध लगाने की सोच रही हैं। पर इसमें कुछ समस्याएं हैं। उदाहरण के लिए पान की दुकान के लिए किसी तरह के लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होती। अगर सरकार का निश्चय पक्का हो तो वह कोई न कोई रास्ता ज़रूर निकाल सकती है। दूसरी ओर
लोगों को भी इनके गंभीर हानिकारक असर के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए और उन्हें इन चीज़ों को छोड़ने को कहा जाना चाहिए।

व्यसन से बचना

हांलाकि बहुत बुरी तरह व्यसन से ग्रस्त व्यक्ति भी इन मादक पदार्थों का सेवन छोड़ सकता है पर बेहतर है कि समस्या को शुरूआती समय में ही पहचान लिया जाए और इसका इलाज कर लिया जाए।

तरीके
  • सबसे पहले व्यक्ति को एक अलग वातावरण में (जैसे कि लत छुड़ाने वाले केन्द्र में या समूहों के साथ) रखा जाना चाहिए। खुराक कुछ दिनों या हफ्तों में कम की जाती है।
  • खुराक कम करते समय होने वाली समस्याओं का इलाज करें। इस मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए परिवार और समाज का सहयोग ज़रूरी होता है।
  • नशीले पदार्थ का सेवन बंद करने से जीवन में आये खाली स्थान को अन्य सामाजिक कार्यकलापों, सामूहिक कार्यक्रमों और कसरत से भरा जाना चाहिए। योगाचरण काफी उपयोगी रहता है।
  • पोषण, खेल, योगाचरण और व्यस्त रखे जाने के लिए मदद देने से व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाता है।
  • केन्द्र से निकलने के बाद नियमित देखभाल की ज़रूरत होती है। लत छुड़ाने के अलावा यह पक्का करना भी ज़रूरी होता है कि वह पदार्थ उस व्यक्ति को फिर न मिले।
  • कई एक सामाजिक संस्थान और अब सरकारी अस्पतालों में नशीली दवाएं आदि छुड़ाने वाले केन्द्र खोले हैं। ऐलकोहलिक ऐनोनिमस एक ऐसा ही तंत्र है जो कि उन लोगों को शराब छोड़ने में मदद करता है जिन्हें शराब की लत होती है। बहुत से लोग इन केन्द्रों की मदद से अपने व्यसन छोड़ पाते हैं।
  • पर समस्या जितनी बड़ी है उसके हिसाब से ये प्रयास बहुत ही सीमित हैं। बहुत से केन्द्रों में दिन में इलाज होता है और गंभीर रूप से व्यसन के शिकार लोगों के लिए रात को रुकने की सुविधा भी होती है।

आपकी शराब सिर्फ चस्का है या लत?

इस सारणी का उपयोग करे और समय पर तय करे| ८ से ज्यादा अंक लत के दिशा में गिरना है

आपकी शराब सिर्फ चस्का है या लत?
इस सारणी का उपयोग करे और समय पर तय करे | ८ से ज्यादा अंक लत के दिशा में गिरना है
सवाल
आप शराब कितनी बार लेते है कभी नही महिने मे एक बार या कम महिने में २-४ बार हप्ते भर में २-३ बार हप्ते भर में ४ बार या ज्यादा
आप शराब एक समय कितने पेग लेते है १-२ ३-४ ५-६ ७-९ १० से ज्यादा
एक बैठक में ६ से अधिक पेग आप कितनी बार लेते है कभी नही हर महिने नही हर महिना एक बार हर हप्ते १ बार लगभग हर दिन
कितनी बार ऐसा होता है की पिने बैठे तो रुकना मुश्किल होता है कभी नही हर महिने नही हर महिना एक बार हर हप्ते १ बार लगभग हर दिन
शराब के कारण कामकाज में मुश्किल हो ऐसा कितने बार होता है कभी नही हर महिने नही हर महिना एक बार हर हप्ते १ बार लगभग हर दिन
सुबह पिना शुरु करे ऐसा कितनी बार लगता है? कभी नही हर महिने नही हर महिना एक बार हर हप्ते १ बार लगभग हर दिन
शराब पिने के बारे में क्या आपको अपराध या दुख लगता है ? कभी नही हर महिने नही हर महिना एक बार हर हप्ते १ बार लगभग हर दिन
शराब पिने के कारण रात में क्या हुआ यह याद नही ऐसा कितनी बार होता है? कभी नही हर महिने नही हर महिना एक बार हर हप्ते १ बार लगभग हर दिन
शराब पिने के कारण आप खुद को या दुसरों को आहत किया है क्या? नही हॉं लेकिन इस पुरे बरस में नहीं हॉं, इस बरस में ऐसा हुआ है

उदाहरण के तौर पर हमारे एक मित्र श्री कुमार का अंकन हमने किया है, जो कि सिर्फ चस्का है, क्योंकि उन्हे सिर्फ २ अंक मिले है| लेकिन श्री आदिनाथजी को अंक मिले १० इसलिए कह सकते है इनको अब लत लग गयी है|

 

डॉ. शाम अष्टेकर २१, चेरी हिल सोसायटी, पाईपलाईन रोड, आनंदवल्ली, गंगापूर रोड, नाशिक ४२२ ०१३. महाराष्ट्र, भारत

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